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SYLLABUS:
1. वह चिड़िया जो: प्रकृति और पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता – चिड़िया के माध्यम से स्वतंत्रता और आनंद की भावना – पर्यावरण संरक्षण का संदेश – कविता के माध्यम से कल्पनाशक्ति का विकास – भाषा की सौंदर्यात्मक अभिव्यक्ति – शब्द भंडार में वृद्धि.
2. बचपन: बाल्यावस्था की स्मृतियाँ – बचपन की सरलता और आनंद – परिवार एवं समाज में बच्चों का स्थान – आत्मकथात्मक लेखन का परिचय – भावनात्मक विकास – अनुभवों की अभिव्यक्ति.
3. नादान दोस्त: मित्रता का महत्व – सच्चे मित्र के गुण – पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता – गलतियों से सीखने की प्रेरणा – नैतिक मूल्यों का विकास – कहानी के माध्यम से जीवन शिक्षा.
4. चाँद से थोड़ी-सी गप्पें: चाँद के प्रति बच्चों की जिज्ञासा – कल्पनाशील संवाद – प्रकृति और विज्ञान का संबंध – प्रश्न पूछने की आदत – रचनात्मक अभिव्यक्ति का विकास.
5. अक्षरों का महत्व: भाषा और लिपि का महत्व – लेखन कला का विकास – संचार में अक्षरों की भूमिका – ज्ञान के प्रसार में भाषा का योगदान – पढ़ने और लिखने की आदत.
6. पार नज़र के: प्रकृति का सौंदर्य – अवलोकन क्षमता का विकास – पर्यावरण के प्रति जागरूकता – भाषा की काव्यात्मक अभिव्यक्ति – संवेदनशीलता और कल्पना का विकास.
7. साथी हाथ बढ़ाना: सहयोग और एकता का महत्व – सामूहिक कार्य की शक्ति – परस्पर सहायता और जिम्मेदारी – सामाजिक मूल्यों का विकास – राष्ट्र निर्माण में सहयोग की भूमिका.
8. ऐसे-ऐसे: हास्य और मनोरंजन – बच्चों की मनोवैज्ञानिक स्थिति – संवाद कौशल का विकास – समस्या समाधान की समझ – भाषा की सहज अभिव्यक्ति.
9. टिकट अलबम: डाक टिकटों का महत्व – विभिन्न देशों और संस्कृतियों का परिचय – संग्रहण की रुचि – सामान्य ज्ञान का विकास – इतिहास और भूगोल से जुड़ाव.
10. झाँसी की रानी: रानी लक्ष्मीबाई का जीवन परिचय – वीरता और देशभक्ति – स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भूमिका – साहस और आत्मसम्मान – राष्ट्रीय चेतना का विकास.
11. जो देखकर भी नहीं देखते: दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन की समझ – संवेदनशीलता और सहानुभूति – सामाजिक समावेशन – मानवता और सहयोग – सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास.
12. संसार पुस्तक है: यात्राओं का महत्व – अनुभवों से सीखना – विश्व और समाज की समझ – ज्ञानवर्धन – अवलोकन और चिंतन की क्षमता का विकास.
13. मैं सबसे छोटी होऊँ: बालिका की भावनाएँ और कल्पनाएँ – परिवार में स्नेहपूर्ण संबंध – बच्चों की इच्छाएँ – आत्मीयता और प्रेम – कविता के माध्यम से भावनात्मक विकास.
14. लोकगीत: लोक संस्कृति का परिचय – लोकगीतों की विशेषताएँ – ग्रामीण जीवन और परंपराएँ – सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण – भाषा और संगीत का संबंध.
15. नौकर: मानवीय संबंधों की समझ – श्रम का सम्मान – सामाजिक समानता – संवेदनशीलता और नैतिकता – कहानी के माध्यम से सामाजिक जागरूकता.
16. वन के मार्ग में: जंगल और वन्य जीवन का परिचय – प्रकृति के साथ सामंजस्य – साहसिक अनुभव – पर्यावरण संरक्षण – प्राकृतिक संसाधनों का महत्व.
17. साँस-साँस में बाँस: बाँस का महत्व – ग्रामीण जीवन और हस्तशिल्प – प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग – पर्यावरणीय संतुलन – लोक जीवन और संस्कृति.
18. बोलने वाली चीज़: विज्ञान और तकनीक की भूमिका – वस्तुओं के उपयोग और महत्व – जिज्ञासा का विकास – वैज्ञानिक दृष्टिकोण – भाषा और ज्ञान का समन्वय.
19. किसान: किसानों का जीवन – कृषि का महत्व – खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था – किसानों की समस्याएँ – श्रम और उत्पादन का महत्व.
20. पुनरावृत्ति:
संपूर्ण पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति – पठन, लेखन, श्रवण और वाचन कौशल का अभ्यास – व्याकरणिक अवधारणाओं का पुनः अध्ययन – भाषा दक्षता का सुदृढ़ीकरण – सीखे गए पाठों का समेकन.
• Practicing reading and writing the Devanagari script (Varnamala—vowels and consonants) regularly.
• Building a strong vocabulary and understanding core grammar rules (Vyakaran).
• Engaging in daily conversational practice and listening to spoken Hindi.
• Maintaining a positive and enthusiastic attitude toward learning the language.
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